Tuesday, January 10, 2023

Mahekk Chahal: टीवी की 'नागिन' महक चहल की तबीयत बिगड़ी, ICU में भर्ती, बोलीं- ऐसा लगा जैसे मेरे सीने में...

 Mahekk Chahal: टीवी की 'नागिन' महक चहल की तबीयत बिगड़ी, ICU में भर्ती, बोलीं- ऐसा लगा जैसे मेरे सीने में...


नागिन 6 की ऐक्ट्रेस महक चहल तबीयत बिगड़ने के कारण अस्पताल में हुई भर्ती, टेलीविजन के पॉपुलर शो 'नागिन 6' में नजर आने वाली एक्ट्रेस महक चहल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि महक पिछले आठ दिनों से मुंबई के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

मीडिया से बातचीत के दौरान अभिनेत्री ने अपनी हेल्थ अपडेट साझा की। जिसके अनुसार फिलहाल एक्ट्रेस की तबीयत में पहले से काफी सुधार है, लेकिन अभी उन्हें अस्पताल में ही डॉक्टर की निगरानी में रखा जाएगा।
 


बातचीत के दौरान महक बताती हैं कि, 'मुझे निमोनिया हो गया था और मैं पिछले 3-4 दिनों से आईसीयू  में ऑक्सीजन वेंटिलेटर पर भर्ती थी'। अभिनेत्री बताती हैं की, '2 जनवरी के दिन मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। तब से मैं यही पर हूं। क्योंकि अभी भी बहुत बार मेरा ऑक्सीजन ऊपर और नीचे हो जाता है। मेरे दोनों फेफड़े बुरी तरह से इफेक्टिड है। आगे 'एक्ट्रेस ने ये भी कहा कि वह आराम करना चाहती थी इसलिए उन्होंने किसी को इस बात कि जानकारी नहीं दी'। हालांकि पहले मैंने सोचा था कि ये नॉर्मल सर्दी है, लेकिन फिर पता चला कि ये निमोनिया है।

वर्क फ्रंट की बात करे तो अभिनेत्री महक सिर्फ टीवी में ही नहीं बल्कि बॉलीवुड में भी अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुकी हैं। उन्होंने कई सुपरहिट 'छोड़ों ना यारा', 'यमला पगला दीवाना' और 'मुंबई कटिंग' जैसी फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा एक्ट्रेस सलमान खान के रिएलिटी शो 'बिग बॉस' के सीजन 5 में भी नजर आ चुकी हैं।

 

Joshimath: पहली बार तकनीकी जांच से खुलेगा भू-धंसाव का राज, जमीन की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगे वैज्ञानिक

 Joshimath: पहली बार तकनीकी जांच से खुलेगा भू-धंसाव का राज, जमीन की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगे वैज्ञानिक


जोशीमठ में भू धंसाव के बारे में कई रिपोर्ट आ चुकी हैं, लेकिन आज तक इसकी कोई तकनीकी जांच नहीं हुई। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा के मुताबिक, पहली बार इसकी तकनीकी जांच होने जा रही है। यानी जोशीमठ क्यों धंस रहा है, इसके कारणों का पता अब भूगर्भ विज्ञानी अपनी जांच में लगाएंगे।

डॉ. सिन्हा ने कहा कि अभी तक जोशीमठ भूस्खलन के बारे में जितने भी रिपोर्ट आई हैं, वे बाहर की परिस्थितियों के आधार पर आई हैं। लेकिन इसका वैज्ञानिक और तकनीकी कारण क्या है, इस बारे में पहली बार जांच होने जा रही है। इस कार्य के लिए जियो टेक्निकल और जियो फिजिकल सर्वे कराया रहा है। आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि जोशीमठ की धारण क्षमता कितनी है। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की की टीम क्षेत्र में ड्रेनेज की मैपिंग, पानी के नमूनों की जांच और स्रोत का पता लगाएगी। राष्ट्रीय भू भौतिकी अनुसंधान संस्थान जियो फिजिकल सर्वे की जांच करेगी। साथ ही जोशीमठ में हो रहे मिट्टी कटाव और टो कटिंग भी जांच होगी।

15-30 दिन में मांगी गई है जांच रिपोर्ट
केंद्रीय एजेंसियों ने सरकार ने भूगर्भीय और भू भौतिकी की तकनीकी जांच 15 से 30 दिन पूरा करने का अनुरोध किया है।

जोशीमठ में ड्रेनेज सिस्टम का टेंडर जल्द
जोशीमठ में सरकार जल निकासी (ड्रेनेज) सिस्टम बनाएगी। सचिव आपदा प्रबंधन के मुताबिक, अगस्त महीने में जोशीमठ में जांच करके लौटी विशेषज्ञ टीम की सिफारिश पर जांच सिंचाई विभाग कार्यदायी एजेंसी के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। ये निविदा 20 जनवरी को खुलनी थी। लेकिन अब यह 13 जनवरी को खुलेगा। ये कार्य सिंचाई अनुसंधान संस्थान(आईआरआई) कराएगा।

विस्थापितों के लिए सुरक्षित जमीन की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगे वैज्ञानिक
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) के वैज्ञानिक जोशीमठ में भू-धंसाव की जद में आए लोगों के लिए सुरक्षित जमीन की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगे। केंद्र सरकार के निर्देश पर संस्थान ने पांच वैज्ञानिकों की टीम गठित कर दी है, जो मंगलवार को जोशीमठ रवाना होगी।

जीएसआई के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉक्टर प्रसून जाना ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञों की टीम में संस्थान के वैज्ञानिक पहले से ही सहयोग कर रहे हैं। लेकिन, अब विस्थापन के लिए सुरक्षित जमीन की तलाश के लिए भी जीएसआई के पांच वैज्ञानिकों की टीम बनाई गई है।

टीम सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जमीनों का वैज्ञानिक पहलुओं से अध्ययन कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी। टीम यह बताएगी कि जिस जमीन पर विस्थापितों को नए सिरे से बसाया जाना है, वह प्राकृतिक आपदा के लिहाज से कितना सुरक्षित है। बताया कि वह केंद्र सरकार, पीएमओ और राज्य सरकार के लगातार संपर्क में हैं। इस आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार को जो भी तकनीकी मदद चाहिए, वह मुहैया कराई जाएगी। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

joshimath Sinking: जल्द शुरू होगी ढहाने की कार्रवाई, 723 पहुंची दरार वाले भवनों की संख्या, 86 असुरक्षित,

joshimath Sinking: जल्द शुरू होगी ढहाने की कार्रवाई, 723 पहुंची दरार वाले भवनों की संख्या, 86 असुरक्षित

जोशीमठ में असुरक्षित भवनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 45 भवन और चिन्हित किए गए। इस तरह से अब तक कुल 723 भवन चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें से 86 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर लाल निशान लगा दिए गए हैं। जल्द ही इन भवनों को ढहाने की कार्रवाई शुरू होगी। 



विरोध के चलते असुरक्षित भवनों का ध्वस्तीकरण टला
भू-धंसाव की चपेट में आए जोशीमठ में शासन के आदेश के बावजूद मंगलवार को भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। जिला प्रशासन की टीम लाव-लश्कर के साथ भवन तोड़ने पहुंची तो प्रभावित लोग विरोध में उतर आए। ऐसे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बुधवार तक के लिए टाल दी गई। इस दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा।

20 मकानों के बिजली कनेक्शन काटे
भू-धंसाव से असुरक्षित क्षेत्र में प्रशासन की ओर से ऊर्जा निगम को बिजली लाइनें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत मंगलवार को 20 असुरक्षित भवनों के कनेक्शन काट दिए गए।


462 परिवारों को विस्थापित किया गया 
जिला प्रशासन की ओर से अब तक 462 परिवारों को अस्थायी रूप से विस्थापित किया जा चुका है। मंगलवार को 381 लोगों को उनके घरों से सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया गया। जबकि इससे पहले 81 परिवारों को शिफ्ट किया गया था। प्रशासन की ओर से अब तक विभिन्न संस्थाओं-भवनों में कुल 344 कमरों का अधिग्रहण किया गया है। इनमें 1425 लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है। 

केंद्रीय एजेंसियों ने जमाया डेरा
मंगलवार को गृह मंत्रालय की टीम सचिव सीमा प्रबंधन की अध्यक्षता में जोशीमठ पहुंची और स्थिति का आकलन किया। इसके अलावा केंद्रीय एजेंसियां एनजीआरआई, एनआईएच, सीबीआरआई, एनआईडीएम की टीम पहले से ही जोशीमठ में डेरा जमाए हुए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत सिन्हा ने बताया कि आईआईटी रुड़की की टीम को भी मौके पर भेजा रहा है। 

आपदा अधिनियम के तहत जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए होटलों को तत्काल ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया है। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो आसपास के आवासीय भवनों और हाईवे को क्षति पहुंच सकती है। साथ ही बिजली और पेयजल की लाइनों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
- हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी, चमोली



प्रभावितों से मिले त्रिवेंद्र सिंह रावत और उमा भारती 
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा नेता उमा भारती मंगलवार को जोशीमठ पहुंचे और उन्होंने भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। आपदा से प्रभावित लोगों से मुलाकात करते हुए उन्होंने लोगों से धैर्य रखने को कहा। उमा भारती ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार लोगों के साथ खड़ी है। उन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी।

प्रशासन ने चार वार्डों को खाली कराने के दिए आदेश
जिला मजिस्ट्रेट चमोली हिमांशु खुराना ने नगर के चार वार्डों को खाली कराने का आदेश जारी किया है। इन वार्डों के अधिकांश मकानों में दरारें आ गई हैं और बड़ी संख्या में मकान असुरक्षित घोषित किए गए हैं। प्रशासन ने नगर के गांधी नगर वार्ड, सिंहधार वार्ड, मनोहर बाग वार्ड और सुनील वार्ड को असुरक्षित घोषित किया है। इन वार्डों में सबसे अधिक मकानों में दरारें आई हैं। गांधी नगर वार्ड में 134 मकानों में दरारें आई हैं और यहां पर 18 मकान असुरक्षित घोषित किए हैं। सिंहधार वार्ड में 88 मकानों में दरारें हैं और 23 मकान असुरक्षित हैं।

मनोहर बाग वार्ड में 112 मकानों में दरारें हैं जबकि 25 मकान असुरक्षित घोषित कर दिए गए हैं। इसके अलावा सुनील वार्ड में 64 मकानों में दरारें आई हैं और यहां पर 20 मकान असुरक्षित हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने इन चारों वार्डों को खाली कराने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं अन्य वार्डों में रविग्राम में 161 मकानों में दरारें हैं लेकिन यहां अभी कोई घर असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है। इसके अलावा परसारी वार्ड में 55, अपर बाजार वार्ड में 40, लोवर बाजार वार्ड में 34 और मारवाड़ी वार्ड में 35 मकानों में दरारें आई हैं। यहां पर सभी मकान फिलहाल सुरक्षित जोन में हैं।

जेपी कॉलोनी में पानी का रिसाव जारी, भवनों में आईं दरारें
जेपी कॉलोनी में पानी का रिसाव लगातार जारी है। पानी का बहाव कभी कम तो कभी ज्यादा हो रहा है। वहीं कॉलोनी के अंदर अन्य भवनों में भी हल्की दरारें आने लग गई हैं। बदरीनाथ हाईवे के पास बिजली के खंभे तिरछे हो गए हैं। भरत सिंह बिष्ट का कहना है कि उनका घर जेपी कॉलोनी के परिसर में है। अब उनके घर में भी हल्की दरारें आनी शुरू हो गई हैं।

जगह चिन्हित करने में जुटा प्रशासन
प्रशासन लोगों को अस्थायी तौर पर शिफ्ट करने के लिए जगह चिन्हित करने में जुटा है। जोशीमठ के आसपास के क्षेत्रों को चिन्हित करने के बाद प्रशासन ने पीपलकोटी के होटल, लॉज भी चिन्हित किए हैं जहां जरूरत पड़ने पर लोगों को शिफ्ट किया जाएगा। प्रशासन ने मंगलवार को पीपलकोटी के सेमलडाला मैदान में नगर पंचायत के कर्मचारियों को लगाकर इसकी सफाई की और गड्ढों को भरा। हालांकि वहां पर पहुंचे तहसीलदार धीरज राणा ने इसे हेलीपैड के लिए सफाई की बात कही लेकिन बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर इस मैदान में टेंट लगाकर लोगों को अस्थायी तौर पर शिफ्ट किया जा सकता है।

 

Saturday, January 7, 2023

सूर्यकुमार इस साल शतक लगाने वाले पहले भारतीय, राजकोट में छक्कों की बरसात के बाद इस तरह मनाया जश्न

 भारत के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने राजकोट में कमाल कर दिया। वह इस साल (2023) टीम इंडिया के लिए शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। सूर्यकुमार ने राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में शनिवार (सात जनवरी) को शानदार बल्लेबाजी की। सूर्यकुमार ने 51 गेंदों पर 112 रन की नाबाद पारी खेली। इस दौरान उन्होंने चौके-छक्कों की बरसात कर दी।

सूर्यकुमार ने 45 गेंदों पर अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक ठोक दिया। इस पारी में सूर्या ने सात चौके और नौ छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 219.61 का रहा। सूर्या ने पिछले साल इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी शतक लगाया था। राजकोट में शतक लगाने के बाद उन्होंने शानदार अंदाज में जश्न मनाया। सूर्या ने बल्ले को हवा में लहराकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया और अक्षर पटेल के गले लगकर हंसने लगे। उनके लिए टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने भी खड़े होकर तालियां बजाईं।

इस पारी के साथ ही सूर्यकुमार ने भारत के लोकेश राहुल और पाकिस्तान के बाबर आजम सहित कई बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। ये दोनों बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में दो शतक लगा चुके हैं। वहीं, सूर्यकुमार यादव तीन बार यह कारनामा कर चुके हैं।

अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने के मामले में सूर्यकुमार से आगे सिर्फ भारतीय कप्तान रोहित शर्मा हैं। रोहित ने भारत के लिए टी20 में चार शतक लगाए हैं और अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। 

टी20 क्रिकेट में अपने तीसरे शतक के साथ सूर्यकुमार यादव ने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल और न्यूजीलैंड के कॉलिन मुनरो की बराबरी कर ली है। ये दोनों बल्लेबाज भी अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में तीन शतक लगा चुके हैं। चेक गणराज्य के दवीजी ने भी अपने देश के लिए टी20 में तीन शतक लगाए हैं, लेकिन वह एसोसिएट टीम का हिस्सा हैं।

Joshimath: तुरंत खाली होगा डेंजर जोन, बनेगा अस्थायी पुनर्वास केंद्र, किराए पर रहने के पैसे देगी सरकार



 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ भू-धंसाव के कारण अति संवेदनशील (डेंजर जोन) वाले क्षेत्रों में बने भवनों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और चरणबद्ध ढंग से संवेदनशील जगहों से सबको शिफ्ट किया जाएगा।

मुख्यमंत्री राज्य सचिवालय में जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन से पैदा हुए हालात की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में धामी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोशीमठ गए विशेषज्ञ दल के सदस्यों से भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर एक बड़ा अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि तात्कालिक एक्शन प्लान के साथ ही दीर्घकालीन कार्यों में भी लंबी प्रक्रिया को समाप्त करते हुए डेंजर जोन के ट्रीटमेंट, सीवर तथा ड्रेनेज जैसे कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। कहा, इसमें सरलीकरण तथा त्वरित कार्रवाई ही हमारा सबसे बड़ा मूलमंत्र होना चाहिए।

Friday, January 6, 2023

 



Bharat Jodo Yatra: इस युवा नेता ने राहुल गांधी के साथ की कदम-तालयूपी की राजनीति-निकाय चुनाव पर की चर्चा

UP: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को उत्तर प्रदेश में भारी समर्थन मिल रहा है। राहुल गांधी की यात्रा आपसी भाई चारे का संदेश दे रही है, जिसमें युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। कानपुर के युवा नेता और कांग्रेस प्रदेश सचिव विकास अवस्थी ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए। विकास अवस्थी ने राहुल के साथ कई किलोमीटर तक पद यात्रा की। इस दौरान राहुल गांधी और विकास अवस्थी के बीच यूपी की राजनीति को लेकर लंबी चर्चा हुई। राहुल गांधी ने निकाय चुनाव को लेकर भी बात की। इसके साथ ही राहुल गांधी ने कानपुर का भी हाल जाना।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने 3 जनवरी को गाजियाबाद लोनी बार्डर पर दिल्ली से होते हुए उत्तर प्रदेश में एंट्री की थी। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया था। भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए कानपुर नगर, ग्रामीण, कानपुर उत्तर और दक्षिण से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे थे। कानपुर के रहने वाले कांग्रेसी युवा नेता और प्रदेश सचिव विकास अवस्थी के नेतृत्व में बड़ी युवाओं की फौज यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंची थी। विकास अवस्थी छात्र नेता भी रहे हैं, जिसकी वजह से युवाओं के बीच उनकी पैठ सबसे ज्यादा मजबूत है। छात्रा राजनीति के सहारे

 उन्होंने कांग्रेस पार्टी का हाथ थामा था।


जूनून देख कर राहुल ने की तारीफ

भारत जोड़ो यात्रा के बीच राहुल गांधी और युवा नेता विकास अवस्थी के बीच जुगलबंदी देखने को मिली। विकास अवस्थी को यात्रा में 5 जनवरी को शामिल होना था। लेकिन यात्रा में शामिल होने के लिए विकास अवस्थी भीषण सर्दी के बीच दो दिन पहले पहले ही पहुंच गए थे। जब राहुल ने पूछ इस सर्दी के बीच पहले क्यों आ गए थे। विकास अवस्थी ने जवाब दिया मुझे यात्रा में शामिल होने के लिए मेरे सिर पर जूनून सवार था। मुझे आप के साथ दो कदम चलने थे, मेरा मकसद था यात्रा में शामिल होना। इस लिए मैं पहले ही आ गया था। युवा नेता का जूनून देखकर राहुल भी हैरान राह गए।

टी शर्ट पर हुई चर्चा

युवा ने कहा कि सर देशभर में आप की टी शर्ट को लेकर चर्चा हो रही है। विपक्ष आप की टी शर्ट से डरा हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि जोड़ने वालों को ठंड नहीं लगती है। मुझे देश को जोड़ना है, देश में मोहब्बत फैलानी है, आपसी भाई चारे का मैसेज लोगों तक पहुंचाना है। जब आप देश के लिए काम कर रहे होते हैं, तो आप को सर्दी या फिर शरीर में किसी प्रकार की पीड़ा का अहसास नहीं होता है और मैं यही कर रहा हूं। कांग्रेस पार्टी त्याग का सबसे बड़ा उदाहरण है, पार्टी ने सिर्फ त्याग किया है। कांग्रेस पार्टी पहले अंग्रेजों से लगी और अब तोड़ने वालों से लड़ रही है।

युवा ब्राह्मण चेहरे के मुरीद हुए राहुल


राहुल गांधी युवा नेता विकास अवस्थी को पहले से जानते थे। यूपी विधानसभा चुनाव में विकास अवस्थी गोविंद नगर विधानसभा सीट से तैयारी कर रहे थे। जबकि गोविंद विधानसभा ब्राह्मण बहुल सीट है। इस सीट पर ब्राह्मण वोटर भी विकास अवस्थी के पक्ष में थे, लेकिन अंतिम समय में करिश्मा ठाकुर को पार्टी ने टिकट देदी थी। इस पर विकास अवस्थी ने पार्टी से नाराजगी जाहिर नहीं की थी। बल्कि करिश्मा ठाकुर को पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ाया था। लेकिन करिश्मा ठाकुर को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद ब्राह्मण वोटर छिटक गए थे। इसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विकास अवस्थी को मिलने के लिए दिल्ली बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक विकास ब्राह्मण चेहरे के रूप में कानपुर से मेयर का चुनाव लड़ सकते हैं।

 

 

बात औरत की फीलिंग और सम्मान की ,जिंदगी के उतार -चढाव की



 मै आज सब से एक बात पहुंचना चाहती हाे आखिर लड़की का घर काैन सा है मायके वाले कहते हैं ससुराल ही असली घर है और ससुराल वाले कहते हैं अपने घर जा ताे आखिर लड़की का घर काैन सा है,
लडकी जब अपने नये जीवन में कदम रखती है तब क्या हाेता है आगे पढ़ें मायका Vs ससुराल,ससुराल में वो पहली सुबह आज भी याद है। कितना हड़बड़ा के उठी थी, ये सोचते हुए कि देर हो गयी है और सब ना जाने क्या सोचेंगे ? एक रात ही तो नए घर में काटी है और इतना बदलाव, जैसे आकाश में उड़ती चिड़िया को, किसी ने सोने के मोतियों का लालच देकर, पिंजरे में बंद कर दिया हो।
शुरू के कुछ दिन तो यूँ ही गुजर गए। हम घूमने बाहर चले गए। जब वापस आए, तो सासू माँ की आंखों में खुशी तो थी, लेकिन बस अपने बेटे के लिए ही दिखी मुझे।
                 सोचा, शायद नया नया रिश्ता है, एक दूसरे को समझते देर लगेगी। लेकिन समय ने जल्दी ही एहसास करा दिया कि मैं यहाँ बहु हूँ। जैसे चाहूं वैसे नही रह सकती। *कुछ कायदा, मर्यादा हैं, जिनका पालन मुझे करना होगा। धीरे धीरे बात करना, धीरे से हँसना, सबके खाने के बाद खाना, ये सब आदतें, जैसे अपने आप ही आ गयीं।घर में माँ से भी कभी कभी ही बात होती थी। धीरे धीरे पीहर की याद सताने लगी। ससुराल में पूछा, तो कहा गया -- अभी नही, कुछ दिन बाद। जिस पति ने कुछ दिन पहले ही मेरे माता पिता से, ये कहा था कि पास ही तो है, कभी भी आ जायेगी, उनके भी सुर बदले हुए थे।अब धीरे धीरे समझ आ रहा था, कि शादी कोई खेल नही। इसमें सिर्फ़ घर नही बदलता, बल्कि आपका पूरा जीवन ही बदल जाता है। कभी भी उठके, अपने पीहर नही जा सकते। यहाँ तक कि कभी याद आए, तो आपके पीहर वाले भी, बिन पूछे नही आ सकते।पीहर का वो अल्हड़पन, वो बेबाक हँसना, वो जूठे मुँह रसोई में कुछ भी छू लेना, जब मन चाहे तब उठना, सोना, नहाना, सब बस अब यादें ही रह जाती हैं।अब मुझे समझ आने लगा था, कि क्यों विदाई के समय, सब मुझे गले लगा कर रो रहे थे ? असल में मुझसे दूर होने का एहसास तो उन्हें हो ही रहा था, लेकिन एक और बात थी, जो उन्हें अन्दर ही अन्दर परेशान कर रही थी, कि जिस सच से उन्होंने मुझे इतने साल दूर रखा, अब वो मेरे सामने आ ही जाएगा।
                   पापा का ये झूठ कि में उनकी बेटी नही बेटा हूँ, अब और दिन नही छुप पायेगा। उनकी सबसे बड़ी चिंता ये थी, अब उनका ये बेटा, जिसे कभी बेटी होने का एहसास ही नही कराया था, जीवन के इतने बड़े सच को कैसे स्वीकार करेगा ? माँ को चिंता थी कि उनकी बेटी ने कभी एक ग्लास पानी का नही उठाया, तो इतने बड़े परिवार की जिम्मेदारी कैसे उठाएगी ?सब इस विदाई और मेरे पराये होने का मर्म जानते थे,सिवाये जारा़
इसलिए सब ऐसे रो रहे थे, जैसे मैं डोली में नहीं, अर्थी में जा रही हूँ।आज मुझे समझ आया, कि उनका रोना ग़लत नही था। हमारे समाज का नियम ही ये है, एक बार बेटी डोली में विदा हुयी, तो फिर वो बस मेहमान ही होती है, घर की। फिर कोई चाहे कितना ही क्यों ना कह ले, कि ये घर आज भी उसका है ? सच तो ये है, कि अब वो कभी भी, यूँ ही अपने उस घर, जिसे मायका कहते हैं, नही आ सकती! और अगर किसी बात पर लड़ाई कर आ भी जाऊ ताे मायके वाले कहेगे अब ये तेरा घर नही है ससुराल ही तेरा असली घर है।और ससुराल में कोई बात हाे जाये ताे वाे कहते हैं जा यहां से अपने घर
संवाददाता
जारा़

 कंझावला कांडः निधि की संदिग्ध कहानी, पुलिस की भटकी हुई थ्योरी और आरोपियों के बदलते बयान... आखिर क्या है सच?

दिल्ली के कंझावला कांड में पुलिस की कार्रवाई हैरान कर रही है. अब गुरुवार को पुलिस ने अचानक कह दिया कि अंजलि को 12 किलोमीटर तक घसीटने वाली कार को दीपक नहीं बल्कि दूसरा आरोपी अमित चला रहा था. साथ ही पुलिस ने आरोपियों की संख्या अब 5 से बढ़ाकर 7 कर दी है. यानी पुलिस को अब दो अन्य आरोपियों की तलाश है. कुल मिलाकर ऐसा लग रहा है कि इस मामले में पुलिस ने शुरू में जो गलती की थी, क्या उसे कवर करने के लिए वो बार-बार गलतियां करती जा रही है? 

    


 

कौन चला रहा था कार?

गुरुवार को दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर सागर प्रीत सिंह हुड्डा एक बार फिर मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने बताया कि वारदात के वक्त कार दीपक नहीं बल्कि उसका साथी अमित चला रहा था. यानी आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस से लगातार झूठ बोला था कि गाड़ी दीपक चला रहा था. हैरानी की बात है कि पिछले चार दिनों से पांचों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं. पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है. और तब से पुलिस को ये भी नहीं पता था कि अंजलि की जान लेने वाली कार को चला कौन रहा था?

4 दिन में बदल गया कार ड्राइवर!

पहले पूछताछ में दीपक नाम के आरोपी ने बताया था कि गाड़ी वो चला रहा था. अब पांच दिन बाद पुलिस कह रही है कि कार दीपक नहीं अमित चला रहा था. इस खुलासे पर पुलिस का कहना है कि अमित के पास लाइसेंस नहीं था. इसलिए आरोपी दीपक उसे बचा रहा था. पुलिस का ये तर्क गले नहीं उतरता. स्पेशल सीपी ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए 18 टीमें बनाई गई हैं, जो अपना काम कर रही हैं.

मामले के आरोपी 5 नहीं 7

दिल्ली पुलिस ने एक नया खुलासा और किया है. पुलिस का दावा है कि इस मामले में आरोपी पांच नहीं बल्कि सात हैं. दो आरोपी आशुतोष और अंकुश खन्ना हैं. अंकुश आरोपी दीपक का भाई है. पुलिस का कहना है कि वो इस मामले में मजबूत चार्जशीट बनाएगी ताकि कोई भी मुजरिम सजा से ना बच पाए. साथ ही स्पेशल सीपी ने साफ कर दिया कि अभी इस मामले की कंप्लीट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट आनी बाकी है. ये दोनों रिपोर्ट आ जाने के बाद तस्वीर कुछ साफ होगी.

गलतियों पर गलतियां

कहते हैं एक गलती को छुपाने के चक्कर में गलती पर गलतियां होती जाती है. दिल्ली के कंझावला कांड में दिल्ली पुलिस ने पहले दिन जो गलती की, उसे छुपाने चक्कर में अब वो लगातार गलतियां करती जा रही है. इस मामले में पहले दिन से ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. मगर बावजूद इसके पुलिस अंजलि की मौत का सच नहीं बता रही है. वारदात के पांच दिन बीत जाने के बाद भी दिल्ली पुलिस को इस केस में सच की तलाश है.

 

पुलिस की पहली गलती

दिल्ली को दहला देने वाले कंझावला कांड में घटना का पता चलते ही इलाके के डीसीपी साहब ने ऐलान कर दिया था कि मामला एक आम रोड एक्सीडेंट का है. इस केस का रेप या मर्डर से कोई लेना देना नहीं है. यानी कायदे से डीसीपी साहब ने पांचों आरोपियों को पहले ही दिन अपनी तरफ से क्लीनचिट दे दी थी. यही वो मौका था, जब पुलिस ने इस मामले में पहली गलती की.

 

इसके बाद जैसे ही इस मामले ने तूल पकड़ा तो दिल्ली पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ. इसके बाद पुलिस ने शुरू में दर्ज की गई हलकी एफआईआर में गैर इरादतन हत्या की धारा भी जोड़ दी थी.

निधि ने किया चौंकाने वाला खुलासा

अब ज़रा इस हादसे की इकलौती और सबसे अहम चश्मदीद यानी अंजलि की दोस्त निधि की बात करते हैं. निधि की बात सबसे अहम इसलिए है क्योंकि जब स्कूटी कार से टकराई तब निधि उसी स्कूटी पर अंजलि के पीछे बैठी थी. उसका कहना है कि कार में बैठे लोगों को पता था कि अंजलि कार में फंसी है. पर उन्होंने जानबूझकर कार भगाई और आगे पीछे की. निधि हादसे के बारे में अब तक की सबसे चौंकाने वाली बात कह रही है.

जानबूझकर अंजलि को कार के नीचे घसीटा

निधि साफ-साफ कह रही है कि जब स्कूटी कार से टकराई तब वो तो कार के दूसरी तरफ गिरी मगर अंजलि कार के नीचे अंदर की तरफ फंस गई थी. वो रो रही थी. चिल्ला रही थी. कार के अंदर शांति थी. कार में सवार लोग कार के नीचे फंसी अंजलि को देख रहे थे. मगर इसके बावजूद कार रोकने की बजाए पहले उन्होंने कार को आगे-पीछे किया और फिर कार के नीचे फंसी अंजलि को उसी हालत में घसीटते हुए कार भगा कर ले गए.

 

गैर इरादतन हत्या नहीं हत्या

अब बात करते हैं कानून की. लोगों के गुस्से, दबाव और फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने कार सवार पांचों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा बाद में जोड़कर कोई अहसान नहीं किया. बल्कि एक तरह से कानून का मज़ाक ही उड़ाया है. क्योंकि कायदे से ये केस गैर इरादतन हत्या नहीं बल्कि सीधे-सीधे हत्या का है. जी हां, ये कत्ल का केस है. कम से कम केस की सबसे अहम और इकलौती चश्मदीद निधि के बयान के बाद तो अब शक की कोई गुंजाइश ही नहीं रह जाती.

आईपीसी की धारा 302 का है केस

निधि के बयान से साफ है कि कार सवार लोगों को पता था कि वो क्या कर रहे हैं. बेशक कत्ल सोची समझी साज़िश का नतीजा नहीं था. ये कत्ल अचानक हुआ. पर मामला तो कत्ल का ही है. वो इसलिए कि कार सवार लोगों को जब अहसास हुआ कि उन्होंने स्कूटी को टक्कर मार दी है. और उनकी कार में एक लड़की फंस गई है. तो पांचों डर गए. उन्हें पता था कि लड़की जिंदा बच गई और बयान दे दिया तो पांचों पकड़े जाएंगे. लिहाजा, पहले से ही नशे में कार चला रहा कार का ड्राइवर अमित जिंदा अंजलि को कार से घसीटते हुए करीब 12 किलोमीटर तक भाागता रहा. फिर 12 किलोमीटर बाद कार में फंसी अंजलि की लाश बाहर निकाल कर पांचों मौके से भाग निकले. यानी यहां इन्टेंशन या मकसद अंजलि की जान लेना ही था. इसलिए कायदे से ये केस सीधे-सीधे आईपीसी की धारा 302 यानी कत्ल का है. 

एफआईआर में धाराएं बढ़ा और घटा सकती है पुलिस

ऐसा नहीं है कि एक बार एफआईआर दर्ज होने के बाद उसमें धाराओं को बदला नहीं जा सकता. केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है और जैसे-जैसे नए सबूत या गवाह मिलते जाते हैं, उसी हिसाब से पुलिस धाराओं में फेरबदल भी करती है. अब अगर इस केस में निधि दिल्ली पुलिस की इकलौती चश्मदीद और सबसे अहम गवाह है, तो फिर उसकी इस गवाही के बाद दिल्ली पुलिस को फौरन अंजलि की मौत के मामले को हत्या का केस मानते हुए कत्ल की नई धारा एफआईआर में जोड़नी चाहिए. अगर दिल्ली पुलिस ऐसा नहीं करती है तो फिर मान लीजिए कि वो निधि के बयान को भरोसे लायक नहीं मानती

 सुप्रीम कोर्ट से रेलवे अतिक्रमण पर स्टे

 हल्द्वानी में रेलवे अतिक्रमण के मामले में जैसे ही सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने की खबर बनभूलपुरा पहुंची तो सुबह से दुआएं कर रहे लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के 1 सप्ताह के नोटिस पर अतिक्रमण हटाए जाने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है और अगली सुनवाई के लिए 7 फरवरी की तारीख तय की गयी है, जैसे ही यह खबर गफूर बस्ती और बनभूलपुरा क्षेत्र के हजारों लोगों तक पहुंची तो उन्होंने अल्लाह ताला का धन्यवाद दिया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनकी जीत की शुरुआत है क्योंकि वह कई दशकों से इस जमीन पर रह रहे हैं और आज रेलवे उसे अपनी बता रहा है बनभूलपुरा की महिलाएं बुजुर्ग और बच्चे सुबह से ही सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान फैसला उनके हक में आने की दुआ मांग रहे थे।


Mahekk Chahal: टीवी की 'नागिन' महक चहल की तबीयत बिगड़ी, ICU में भर्ती, बोलीं- ऐसा लगा जैसे मेरे सीने में...

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