जोशीमठ में असुरक्षित भवनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 45 भवन और चिन्हित किए गए। इस तरह से अब तक कुल 723 भवन चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें से 86 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर लाल निशान लगा दिए गए हैं। जल्द ही इन भवनों को ढहाने की कार्रवाई शुरू होगी।

विरोध के चलते
असुरक्षित भवनों का ध्वस्तीकरण टला
भू-धंसाव की चपेट
में आए जोशीमठ में शासन के आदेश के बावजूद मंगलवार को भवनों के ध्वस्तीकरण की
कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। जिला प्रशासन की टीम लाव-लश्कर के साथ भवन तोड़ने
पहुंची तो प्रभावित लोग विरोध में उतर आए। ऐसे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बुधवार
तक के लिए टाल दी गई। इस दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा।
20 मकानों के बिजली कनेक्शन काटे
भू-धंसाव से
असुरक्षित क्षेत्र में प्रशासन की ओर से ऊर्जा निगम को बिजली लाइनें हटाने के
निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत मंगलवार को 20 असुरक्षित भवनों के कनेक्शन काट दिए गए।
462 परिवारों को
विस्थापित किया गया
जिला प्रशासन की ओर
से अब तक 462 परिवारों को अस्थायी रूप से विस्थापित किया जा चुका है। मंगलवार को 381
लोगों को उनके घरों
से सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया गया। जबकि इससे पहले 81 परिवारों को शिफ्ट किया गया था। प्रशासन
की ओर से अब तक विभिन्न संस्थाओं-भवनों में कुल 344 कमरों का अधिग्रहण किया गया है। इनमें 1425
लोगों को ठहराने की
व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय एजेंसियों
ने जमाया डेरा
मंगलवार को गृह
मंत्रालय की टीम सचिव सीमा प्रबंधन की अध्यक्षता में जोशीमठ पहुंची और स्थिति का
आकलन किया। इसके अलावा केंद्रीय एजेंसियां एनजीआरआई, एनआईएच, सीबीआरआई, एनआईडीएम की टीम पहले से ही जोशीमठ में
डेरा जमाए हुए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत सिन्हा ने बताया कि आईआईटी रुड़की
की टीम को भी मौके पर भेजा रहा है।
आपदा अधिनियम के तहत
जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए होटलों को तत्काल ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया
है। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो आसपास के आवासीय भवनों और हाईवे को क्षति पहुंच
सकती है। साथ ही बिजली और पेयजल की लाइनों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
- हिमांशु खुराना,
जिलाधिकारी, चमोली

प्रभावितों से मिले त्रिवेंद्र सिंह रावत और उमा भारती
पूर्व मुख्यमंत्री
त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा नेता उमा भारती मंगलवार को जोशीमठ पहुंचे और
उन्होंने भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। आपदा से प्रभावित लोगों से
मुलाकात करते हुए उन्होंने लोगों से धैर्य रखने को कहा। उमा भारती ने कहा कि आपदा
की इस घड़ी में सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने
प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार लोगों के साथ खड़ी है। उन्हें हरसंभव
मदद दी जाएगी।
प्रशासन ने चार
वार्डों को खाली कराने के दिए आदेश
जिला मजिस्ट्रेट
चमोली हिमांशु खुराना ने नगर के चार वार्डों को खाली कराने का आदेश जारी किया है।
इन वार्डों के अधिकांश मकानों में दरारें आ गई हैं और बड़ी संख्या में मकान
असुरक्षित घोषित किए गए हैं। प्रशासन ने नगर के गांधी नगर वार्ड, सिंहधार वार्ड,
मनोहर बाग वार्ड और
सुनील वार्ड को असुरक्षित घोषित किया है। इन वार्डों में सबसे अधिक मकानों में
दरारें आई हैं। गांधी नगर वार्ड में 134 मकानों में दरारें आई हैं और यहां पर 18 मकान असुरक्षित
घोषित किए हैं। सिंहधार वार्ड में 88 मकानों में दरारें हैं और 23 मकान असुरक्षित हैं।
मनोहर बाग वार्ड में
112 मकानों
में दरारें हैं जबकि 25 मकान असुरक्षित घोषित कर दिए गए हैं। इसके अलावा सुनील वार्ड में 64
मकानों में दरारें
आई हैं और यहां पर 20 मकान असुरक्षित हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने इन चारों वार्डों को खाली
कराने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं अन्य वार्डों में रविग्राम में 161 मकानों में दरारें
हैं लेकिन यहां अभी कोई घर असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है। इसके अलावा परसारी
वार्ड में 55, अपर बाजार वार्ड में 40, लोवर बाजार वार्ड में 34 और मारवाड़ी वार्ड में 35 मकानों में दरारें
आई हैं। यहां पर सभी मकान फिलहाल सुरक्षित जोन में हैं।
जेपी कॉलोनी में पानी का रिसाव जारी, भवनों में आईं दरारें
जेपी कॉलोनी में
पानी का रिसाव लगातार जारी है। पानी का बहाव कभी कम तो कभी ज्यादा हो रहा है। वहीं
कॉलोनी के अंदर अन्य भवनों में भी हल्की दरारें आने लग गई हैं। बदरीनाथ हाईवे के
पास बिजली के खंभे तिरछे हो गए हैं। भरत सिंह बिष्ट का कहना है कि उनका घर जेपी
कॉलोनी के परिसर में है। अब उनके घर में भी हल्की दरारें आनी शुरू हो गई हैं।
जगह चिन्हित करने
में जुटा प्रशासन
प्रशासन लोगों को
अस्थायी तौर पर शिफ्ट करने के लिए जगह चिन्हित करने में जुटा है। जोशीमठ के आसपास
के क्षेत्रों को चिन्हित करने के बाद प्रशासन ने पीपलकोटी के होटल, लॉज भी चिन्हित किए
हैं जहां जरूरत पड़ने पर लोगों को शिफ्ट किया जाएगा। प्रशासन ने मंगलवार को
पीपलकोटी के सेमलडाला मैदान में नगर पंचायत के कर्मचारियों को लगाकर इसकी सफाई की
और गड्ढों को भरा। हालांकि वहां पर पहुंचे तहसीलदार धीरज राणा ने इसे हेलीपैड के
लिए सफाई की बात कही लेकिन बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर इस मैदान में टेंट
लगाकर लोगों को अस्थायी तौर पर शिफ्ट किया जा सकता है।
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